भारत में डिजिटल लेन-देन की सुविधा दिन-ब-दिन और मजबूत होती जा रही है। इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल अब केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में भी लोग इसका फायदा उठा रहे हैं। इसी बीच भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन बैंकिंग के लिए नए नियम लागू किए हैं, जो आज से पूरे देश में प्रभावी हो गए हैं। इन बदलावों से न केवल ट्रांजैक्शन तेज़ और सुरक्षित होंगे, बल्कि धोखाधड़ी की घटनाओं में भी कमी आएगी।
अब तुरंत मिलेगा फेल ट्रांजैक्शन का रिफंड
पहले ऑनलाइन ट्रांजैक्शन फेल होने पर पैसा वापस आने में कई दिन लग जाते थे, लेकिन अब यह प्रक्रिया और तेज़ कर दी गई है। नए नियमों के तहत, यदि किसी ग्राहक का ट्रांजैक्शन फेल होता है तो बैंक को 24 घंटे के भीतर रिफंड प्रोसेस करना होगा।
रोज़ाना ट्रांजैक्शन लिमिट में बढ़ोतरी
ग्राहकों की जरूरतों को देखते हुए RBI ने रोज़ाना ऑनलाइन बैंकिंग लिमिट बढ़ा दी है। अब ग्राहक एक दिन में 10 लाख रुपये तक का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। इसका फायदा बिजनेस करने वालों और बड़े भुगतान करने वाले ग्राहकों को मिलेगा।
टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन होगा और मजबूत
ऑनलाइन बैंकिंग में अब बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और OTP आधारित लॉगिन सिस्टम को और मजबूत किया गया है। इससे फ्रॉड और हैकिंग के मामलों पर लगाम लगेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आसान सुविधा
ग्रामीण इलाकों और कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों में डिजिटल ट्रांजैक्शन को आसान बनाने के लिए बैंकिंग ऐप्स का लाइट वर्जन लॉन्च किया गया है। इससे कम इंटरनेट स्पीड में भी लेन-देन आसानी से हो पाएंगे।
क्रेडिट कार्ड और यूपीआई से डायरेक्ट लिंक की सुविधा
अब ग्राहक अपने क्रेडिट कार्ड को सीधे नेट बैंकिंग और UPI से लिंक कर सकते हैं। इससे EMI, कैशबैक और रिवार्ड पॉइंट्स का फायदा मिलेगा। छोटे व्यापारियों को भी इससे क्रेडिट कार्ड पेमेंट आसानी से स्वीकार करने की सुविधा होगी।
अस्वीकरण : यह आर्टिकल सामान्य जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। ऑनलाइन बैंकिंग से जुड़े नियमों और सीमाओं के बारे में सटीक और ताज़ा जानकारी के लिए कृपया भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) या अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर अवश्य जांच करें।